लॉकडाउन से प्रभावितों की सहायता के लिए स्वेच्छा से दान दें: आनंदीबेन

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने कोरोना से बचाव एवं लॉकडाउन से प्रभावित लोगों की सहायता के लिए सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों से अपेक्षा की कि वे अपने यहां से सभी शिक्षकों एवं कार्मिकों का एक दिन का वेतन मुख्यमंत्री पीड़ित सहायता कोष में स्वेच्छा से दान दें। श्रीमती पटेल ने आज राजभवन में वीडियो कांफेसिंग के माध्यम से सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों से लॉकडाउन से प्रभावित लोगों की सहायता के लिए आगे आये। इसके अलावा जो भी हास्टल या गेस्ट हाउस खाली पड़े हैं उन्हें जरूरत पड़ने पर वारंटाइन सेंटर बनाने के लिए जिला प्रशासन को उपलब्ध करायें। इसके साथ ही उन्होंने यह भी निर्देश दिये कि जो भी छात्र हास्टल में इस समय रह रहे हैं, उनसे खाली न/न कराया जाये तथा इस दौरान उन्हें भोजन आदि के लिए खाद्यय सामग्री भी विश्वविद्यालय प्रशासन उपलब्ध कराये। उन्होंने कलपतियों को निर्देश दिये कि उनके यहां जो भी दैनिक कर्मचारी या संविदा कार्मिक कार्य कर रहे हैं, उनको उनका पूर्ण भुगतान नियमित रूप से किया जाय तथा किसी प्रकार की कटौती वेतन में न/न की जाय। राज्यपाल ने एसजीपीजीआई, राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान एवं केजीएमयू के कुलपति को निर्देश दिये कि कोरोना पीडितों के इलाज में लगे चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ एवं अन्य कार्मिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्हें पर्याप्त मात्रा में सेनिटाइजर, मास्क एवं लिक्विड सोप आदि उपलब्ध करायें, जिससे उन्हें किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने कुलपतियों को यह भी निर्देश दिये कि एनएसएस एवं एनसीसी के छात्रों के माध्यम से अपने आसपास के गांव में बाहर से आये लोगों की सची तैयार कराकर जिला प्रशासन को उपलब्ध करायें, जिससे उन्हें कारंटाइन किया जा सके। उन्होंने वीडियो कांफेसिंग के माध्यम से लखनऊ विश्वविद्यालय की नवीनीकृत वेबसाइट का ऑनलाइन उद्घाटन किया। इस दौरान कुलपतियों ने अवगत कराया कि छात्रों को यू-ट्यूब, इ-कंटेंट एवं आनलाइन क्लासेज के माध्यम से छात्रों को शिक्षा प्रदान की जा रही है। वेबसाइट पर भी लेवर्स एवं इ-कंटेंट अपलोड किये जा रहे हैं, जिससे छात्र घर बैठे अध्ययन कर सकें। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव हेमन्त राव, विशेष कार्याधिकारी (शिक्षा) केयूर सम्पत के अलावा अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।